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SC ने योगी सरकार को फटकारा, पुछा- क्या बर्बाद करना चाहते है ताजमहल को

SC ने योगी सरकार को फटकारा, पुछा- क्या बर्बाद करना चाहते है ताजमहल को

नई दिल्ली। ताजमहल के संरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर चिंता जाहिर की है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे पर केंद्र की मोदी सरकार और उत्तरप्रदेश की सत्ता संभाल रही योगी सरकार को फटकार भी लगाईं। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है कि चार हफ़्तों में ताज महल के संरक्षण ले लिए विजन दस्तावेज कोर्ट में दाखिल करें।

ताज ट्रैपिजियम ज़ोन में उत्तर प्रदेश के आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, हाथरस और एटा जिला और राजस्थान के भरतपुर जिले का कुल 10,400 किलोमीटर का क्षेत्र आता है।
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एम बी लोकुर और दीपक गुप्ता की पीठ ने सरकार की तरफ से सॉलिलिटर जनरल तुषार मेहता से पूछा, कि अचानक ताज ट्रैपिजियम ज़ोन में चमड़ा उद्योग और होटल की गतिविधियां बढ़ने का कोई खास कारण है क्या। कोर्ट कई दफा उत्तर प्रदेश सरकार को कह चुका है कि आपके पास ताजमहल को संरक्षित रखने का कोई लॉन्ग टर्म प्लान नहीं है।
इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से अब तक ताजमहल के आसपास काटे गए पेड़ों की संख्या की जानकारी मांगी। यूपी सरकार ने ताजमहल के संबंध में सभी जांच करने और कोर्ट में जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा है। दरअसल राज्य सरकार ने आगरा में पानी की आपूर्ति ने लिए पाइपलाइन बिछाने के लिए 234 पेड़ों को काटने का आवेदन किया है। हालांकि कोर्ट ने इसपर चर्र हफ्ते बाद सुनवाई को कहा है।
आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ताजमहल की सुरक्षा को लेकर कई बार आदेश दे चुका है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से सवाल किया था कि क्या वह विश्वप्रसिद्ध ताजमहल को ‘नष्ट करना चाहती है। न्यायालय ने यह तीखी टिप्पणी उस याचिका की सुनवाई के दौरान की थी, जिसमें मथुरा और दिल्ली के बीच करीब 80 किलोमीटर क्षेत्र में एक अतिरिक्त रेल लाइन बिछाने के लिए करीब 450 पेड़ काटने की अनुमति मांगी गई थी।
आपको बता दे कि सुप्रीम कोर्ट ताजमहल की सुरक्षा को इससे पहले भी कई बार राज्य सरकार को फटकार यआगा चूका है। पिछले साल योगी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से ताज संरक्षित क्षेत्र में मल्टी लेवल पार्किंग बनाने के लिए 11 पेड़ काटने की अनुमति मांगी थी। जिसके जवाब ने सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ताजमहल एक ही है। एक बार ये नष्ट हो गया तो दोबारा नहीं बनेगा, कोर्ट ने कहा कि ताजमहल के 500 मीटर के दायरे में गाड़ियों के चलने पर प्रतिबंध जारी रहेगा।
हाल ही में योगी सरकार उस समय चर्चा में आई जब सरकार के द्वारा ताज महोत्सव की थीम को बदला गया। जिसपर विपक्ष का कहना था कि बीजेपी सालों से चली आ रही परंपरा को कर रही है।

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